Syari

काश मेरी ज़िन्दगी का अंत कुछ इस तरह हो
की मेरी कबर पे बना उनका घर हो
वो जब जब सोये ज़मीन पर
मेरे सीने से लगा उसका सर हो!



आओ मिलके हम नमन करे उनको,

जिनके ही हिस्से में ये मुकाम होता है.

खुशनशिब तो वीर वो होते है.
जिनका खून देश के काम आता है.



ऐ चाँद तू किस मजहब का है,
ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा.!


दाग तेरे दामन के धुले ना धुले,

नेकिया तेरी तराजू में तुले न तुले,



आज ही गुनाहों से कर ले तोबा,
ख़ुदा जाने कल तेरी आँख खुले ना खुले

इश्क ओर दोस्ती मेरे दो जहान है,

इश्क मेरी रुह, तो दोस्ती मेरा ईमान है,
इश्क पर तो फिदा करदु अपनी पुरी जिंदगी,
पर दोस्ती पर, मेरा इश्क भी कुर्बान है
  दिल मे एक शोर सा हो रहा है.
 बिन आप के दिल बोर हो रहा है.
 बहुत कम याद करते हो आप हमे.
 कही ऐसा तो नही की…
 ये दोस्ती का रिस्ता कंज़ोर हो रा है.

तुम आये तो लगा हर खुशी आ गई
यू लगा जैसे ज़िन्दगी आ गई
था जिस घड़ी का मुझे कब से इंतज़ार
अचानक वो मेरे करीब आ गई …………

                                 ज़िन्दगी हसीन है , ज़िन्दगी से प्यार करो …..
                         हो रात तो सुबह का इंतज़ार करो …..
                                     वो पल भी आएगा, जिस पल का इंतज़ार हैं आपको….
                                    बस रब पर भरोसा और वक़्त पे ऐतबार करो ….

कितने अरमानों को दफनाये बैठा हूँ
कितने ज़ख्मों को दबाये बैठा हूँ;
मिलना मुश्किल है उनसे इस दौर में;
फिर भी दीदार की आस लगाये बैठा हूँ।
देख मेरी आँखों में ख्वाब किसके हैं;
दिल में मेरे सुलगते तूफ़ान किसके हैं;
नहीं गुज़रा कोई आज तक इस रास्ते से हो कर;
फिर ये क़दमों के निशान किसके हैं।

जिन्दगी जख्मो से भरी हैं; वक़्त को मरहम बनाना सिख लें; हारना तो है मोतके सामने; फ़िलहाल जिन्दगी से जीना सिख लें:..!!!



ग़म इसका नहीं कि तू मेरा न हो सका;
मेरी मोहब्बत में मेरा सहारा ना बन सका;
ग़म तो इसका भी नहीं कि सुकून दिल का लुट गया;
ग़म तो इसका है कि मोहब्बत से भरोसा ही उठ गया।


उम्र की राह में रास्ते बदल जाते हैं;
वक़्त की आंधी में इंसान बदल जाते हैं;
सोचते हैं तुम्हें इतना याद ना करें लेकिन;
आँख बंद करते ही इरादे बदल जाते हैं।









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